“दास्ताँ-ए-दिल-शिकस्ता” (A story of a Broken Heart), यह नज़्मों की एक ऐसी क़िताब है, जो दिल शिकस्तगी के हर एक पहलु से आपको रूबरू करवाएगी। एक इंसान का दिल सिर्फ़ इश्क़ या मोहब्बत में नहीं टूटता, ज़िन्दगी में कई ऐसे वाक़ियात होते हैं जो दिल के कई टुकड़े कर जाते हैं। इस क़िताब में कहीं आपको दिखाई देगा, एक बच्चे का दिल कैसे टूटता है, जब उसे अपनी वाल्दैन से प्यार और तवज्जो नहीं मिलती हैं। कैसे एक दोस्त का दिल टूटता है जब कोई उसका अपना करीबी दोस्त उसे धोखा देता है। कहीं पर आपको दिखाई देगा, की कैसे एक औरत को रुसवा होना पड़ता है सिर्फ़ एक औरत होने के लिए। इस क़िताब का सबसे बड़ा हिस्सा आपको एक मेहबूब की दिल शिकस्तगी की दास्ताँ सुनाएगा। ख़लिश यह नहीं की हमारे ख़्वाब टूट गए, अफ़सोस तो इस बात का हैं की, जिनके लिए हमने अपने ख़्वाबों को तोड़ा, आज वहीं रिश्ते हम से रूठ गए। ग़म हमें अपने ख़्वाहिशों के अधूरे रह जाने का नहीं, शिकायत क्या करें उन लोगों से, जिन्हें हमारे ख़सारे का कोई इल्म नहीं। कज़ा कर बैठे थे हम अपनी ख़ुशियाँ जिनके लिए, अपनी बे-हिसी के लिए, उनमे से आज भी कोई पशेमान नहीं।